क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो ज़रूरी हैं ये बातें
जिस तेज़ी से हम क्रेडिट या डेबिट कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं, उतनी ही तेज़ी से इससे जुड़ी धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. आलम यह है कि ख़रीदारी करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी का डर हमेशा बना रहता है.
साल 1980 में इन कार्डों का प्रयोग शुरू हुआ और उसके बाद इनके इस्तेमाल के आंकड़े लगातार बढ़ते चले गए. अक्टूबर 2016 की नीलसन रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में विश्व भर में 31 ख़रब डॉलर का भुगतान कार्ड के ज़रिए हुआ. फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और एमेज़ॉन इंडिया के ज़रिए कार्ड पेमेंट में और ज़्यादा वृद्धि हुई.

कितने तरह की धोखाधड़ी
ऑनलाइन फ्रॉड को किसी श्रेणी में बांटना बड़ा मुश्किल काम है, क्योंकि हर रोज बदलती तकनीक के साथ फ्रॉड करने के तरीके भी बदल जाते हैं.
- कार्ड नॉट प्रेजेंट फ्रॉड(सीएनपी): सबसे ज्यादा लोग इसी प्रकार के फ्रॉड का शिकार होते हैं. इसमें कार्ड होल्डर की जानकारी चुराना और फिर बिना कार्ड लिए उसका प्रयोग करना शामिल है. इस तरह के फ्रॉड करने के लिए कई बार ई-मेल के जरिए बैंक डिटेल मांगी जाती है या फिर किसी बड़े ईनाम का लालच देकर कार्ड संबंधी जानकारी चुरा ली जाती है.
- कार्ड प्रेजेंट फ्रॉड: इस तरह के फ्रॉड पहले किए जाते थे, अब यह ज़्यादा नहीं होते. इसमें आमतौर पर ग्राहक के कार्ड को स्वाइप कर उसकी जानकारी चोरी कर ली जाती है.
नीलसन रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते चलन ने साइबर अपराधियों के लिए ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए दरवाज़े खोल दिए हैं. साल 2010 में जहां ऑनलाइन धोखाधड़ीॉ का आंकड़ा 8 अरब डॉलर था, वहीं 2015 में यह बढ़कर 21 अरब डॉलर हो गया. साल 2020 तक इसके 31 अरब डॉलर तक पहुंचने की आशंका है.
हम आपको यहां 10 ऐसी खरीदारी के बारे में बता रहे हैं, जिनपर आपको अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कतई नहीं करना चाहिए, जानिए क्यों।
1. घर के बिल- महीने के अंतिम दिनों में जब आपके पास नकदी खत्म हो चुकी होती है, तब ऐसे में आप यूटीलिटी, मोबाइल और केबल बिल का भुगतान करने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने की सोचते हैं1 लेकिन अगर आप हर महीने क्रेडिट कार्ड के पूरे बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो प्रतिदिन के हिसाब से लगने वाले इंटरेस्ट रेट की वजह से आपके मासिक बिल आप पर और महंगे पड़ेंगे